सावन 2026 कैलेंडर: श्रावण मास की संपूर्ण जानकारी
26 July 2024 | vedic-culture
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सावन 2026 क्या है?
हिन्दू धर्म में अगर कोई सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले और जल्दी से मनोकामनाएं सिद्ध करने वाले है, तो वह स्वयं महादेव है। Sawan, का पर्व का सबको बहुत बेसब्री से इंतज़ार रहता है। यह एक महीने ऐसा होता है, जिसमे अगर सारे तप, पर्व विधिपूर्वक किया जाए तो भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाता। तो ऐसे में कई लोगो को पता नहीं होता की सावन कब है, और इसको कैसे करना चाहिए। ऐसे में इस ब्लॉग को आपको जरूर पढ़ना चाहिए। इसमें आपको उपवास, क्या-क्या महादेव को चढ़ाया जाए, इससे जुड़ी हर जानकारी मिल जाएगी।
सावन 2026 कब से कब तक है?
हिन्दू पंचांग के अनुसार, 2026 में सावन (श्रावण), का पवित्र महीना गुरूवार, यानि 30 जुलाई को शुरू होकर 28 अगस्त को खत्म होगा। वैसे तो regional calendar के अनुसार, इस महीने होने वाले सारे festivals, आदि चीज़ें होगी, फिर भी इन तारीखों को जानना बहुत जरूरी है। इन शुभ सावन सोमवार है, 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को पड़ रहे हैं। तो इस सावन 2026 के दौरान पुरे महीने भगवान शिव की विशेष पूजा, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और व्रत किये जाते है। यही महीना शिव भक्तों की लिए अत्यंत शुभ है।
सावन सोमवार 2026 की पूरी सूची
सावन सोमवार | तिथि |
पहला सोमवार | 3 अगस्त 2026 |
दूसरा सोमवार | 10 अगस्त 2026 |
तीसरा सोमवार | 17 अगस्त 2026 |
चौथा सोमवार | 24 अगस्त 2026 |
पाँचवाँ सोमवार | नहीं है |
सावन 2026 कैलेंडर
सप्ताहवार कैलेंडर
सावन 2026 कैलेंडर में श्रावण मास 2026 की सभी महत्वपूर्ण तिथियाँ, सावन सोमवार 2026, प्रमुख व्रत, त्योहार, शिव पूजा के शुभ दिन और धार्मिक पर्वों की संपूर्ण जानकारी एक ही स्थान पर देखें।
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महत्वपूर्ण तिथियाँ
यहाँ सावन 2026 के प्रमुख त्योहार, सावन सोमवार 2026 की तारीख, नाग पंचमी, प्रदोष और अन्य शुभ तिथियों की पूरी जानकारी मिलेगी।
शिव पूजा के विशेष दिन
भगवान शिव का प्रिय महीना सावन में सावन पूजा विधि, सावन व्रत 2026, सावन के नियम तथा विशेष शिव आराधना के शुभ दिनों की जानकारी प्राप्त करें।
सावन का धार्मिक महत्व
- पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार सावन व्रत 2026 भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस महीने में पूजा, उपवास और भक्ति का विशेष महत्व माना जाता है।
- समुद्र मंथन
समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया। इसलिए सावन व्रत 2026 में शिव पूजा और जलाभिषेक अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
- भगवान शिव से जुड़ी मान्यता
मान्यता है कि सावन व्रत 2026 में सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने पर सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है।
- श्रावण मास का महत्व
श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र महीना माना जाता है। सावन व्रत 2026 में व्रत, दान और रुद्राभिषेक का विशेष फल मिलता है।
सावन व्रत के नियम
- कौन व्रत रख सकता है:
सावन के नियम के अनुसार स्त्री, पुरुष, अविवाहित, विवाहित, बुजुर्ग और स्वस्थ श्रद्धालु सभी भगवान शिव की भक्ति से सावन व्रत रख सकते हैं।
- क्या खाना चाहिए:
सावन के नियम में फल, दूध, दही, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू, मखाना और सात्विक भोजन ग्रहण करने की सलाह दी जाती है।
- क्या नहीं खाना चाहिए:
सावन के नियम के अनुसार प्याज, लहसुन, मांसाहार, शराब, तंबाकू, अंडा और अधिक तला-भुना भोजन खाने से बचना चाहिए।
- किन बातों का ध्यान रखें:
सावन के नियम का पालन करते हुए स्वच्छता रखें, सत्य बोलें, क्रोध से बचें, शिव मंत्र जपें और सात्विक आचरण अपनाएं।
सावन में भगवान शिव की पूजा विधि
- शिव मंत्र जाप
भगवान शिव का प्रिय महीना सावन में "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- रुद्राभिषेक
सावन में रुद्राभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जल, दूध, बेलपत्र और मंत्रों से अभिषेक करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
- शिव मंदिर दर्शन
सावन में प्रतिदिन या सोमवार को शिव मंदिर दर्शन करने से आध्यात्मिक उन्नति, पुण्य की प्राप्ति और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
- दान
सावन में अन्न, वस्त्र, जल, फल और दक्षिणा का दान करने से पुण्य बढ़ता है तथा भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
- ध्यान
सावन ध्यान, मौन और आत्मचिंतन के लिए श्रेष्ठ समय है। नियमित ध्यान करने से मन शांत, एकाग्र और सकारात्मक बनता है।
- शिव पुराण पाठ
सावन में शिव पुराण का पाठ करने से शिव महिमा का ज्ञान मिलता है, पापों का नाश होता है और शुभ फल प्राप्त होते हैं।
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सावन में क्या नहीं करना चाहिए?
- तामसिक भोजन: सावन के नियमों के अनुसार श्रावण मास में तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज आदि) से परहेज करना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि सात्विक भोजन अपनाने से मन की शुद्धि बढ़ती है और भगवान शिव की भक्ति में एकाग्रता आती है।
- नशा: श्रावण मास 2026 में शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का त्याग करना चाहिए। सावन आत्मसंयम, संयमित जीवनशैली और आध्यात्मिक साधना का महीना माना जाता है, इसलिए इस दौरान शुद्ध आचरण अपनाने पर विशेष बल दिया जाता है।
- क्रोध: सावन के दौरान क्रोध, कटु वचन और विवाद से बचने का प्रयास करें। शांत, विनम्र और सकारात्मक व्यवहार न केवल मानसिक शांति बनाए रखने में सहायक होता है, बल्कि भगवान शिव की आराधना के लिए भी अनुकूल माना जाता है।
- झूठ: श्रावण मास में सत्य, ईमानदारी और धर्म के मार्ग पर चलने का विशेष महत्व बताया गया है। इसलिए इस पवित्र माह में झूठ बोलने, छल-कपट करने और किसी को धोखा देने से बचना चाहिए।
- हिंसा: सावन के पवित्र महीने में सभी जीवों के प्रति दया, करुणा और अहिंसा का भाव रखना शुभ माना जाता है। इस दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, द्वेष या अनावश्यक आक्रामक व्यवहार से दूर रहकर सद्भाव और सेवा की भावना अपनानी चाहिए।
सावन में शिव पूजा करने के लाभ
- मानसिक शांति: सावन व्रत, भगवान शिव की पूजा, मंत्र जाप और ध्यान करने से मन शांत रहता है। तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- आध्यात्मिक उन्नति: सावन में नियमित शिव पूजा, रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों का जाप करने से आत्मिक विकास होता है। भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना मजबूत बनती है।
- विवाह संबंधी लाभ: सावन व्रत रखने और भगवान शिव-गौरी की पूजा करने से योग्य जीवनसाथी मिलने तथा वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और मधुरता बढ़ने की मान्यता है।
- स्वास्थ्य: सावन में सात्विक भोजन, उपवास और संयमित जीवनशैली अपनाने से शरीर हल्का रहता है। पाचन बेहतर होता है और स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
- परिवार में सुख-शांति: सावन के दौरान शिव आराधना, दान और धार्मिक कार्य करने से परिवार में प्रेम, सौहार्द, सुख-शांति और आपसी विश्वास बढ़ने की मान्यता है।
सावन 2026 के प्रमुख त्योहार
त्योहार | तारीख (2026) |
पहला सावन सोमवार | 3 अगस्त 2026 |
दूसरा सावन सोमवार | 10 अगस्त 2026 |
तीसरा सावन सोमवार | 17 अगस्त 2026 |
चौथा सावन सोमवार | 24 अगस्त 2026 |
हरियाली तीज | 15 अगस्त 2026 |
नाग पंचमी | 17 अगस्त 2026 |
श्रावण शिवरात्रि | 11 अगस्त 2026 |
रक्षाबंधन | 28 अगस्त 2026 |
भारत के विभिन्न राज्यों में सावन कैसे मनाया जाता है?
Sawan भारत का एक प्रमुख त्यौहार है, और इसे हर राज्यों में मनाया जाता है।
स्थान | |
उत्तर प्रदेश | उत्तर प्रदेश में सावन का विशेष महत्व है। कांवड़ यात्रा, शिव मंदिरों में जलाभिषेक और सावन सोमवार व्रत बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं। |
बिहार | बिहार में सावन के दौरान शिवभक्ति चरम पर रहती है। श्रद्धालु शिवालयों में पूजा, रुद्राभिषेक और सोमवार व्रत श्रद्धापूर्वक करते हैं। |
मध्य प्रदेश | मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकालेश्वर सहित प्रमुख शिव मंदिरों में सावन में विशेष पूजा, भस्म आरती और भक्तों की भारी भीड़ रहती है। |
राजस्थान | राजस्थान में सावन के अवसर पर शिव मंदिरों में अभिषेक, हरियाली तीज, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व होता है। |
झारखंड | झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन मेला विश्वप्रसिद्ध है। लाखों कांवड़िये जल चढ़ाकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। |
उत्तराखंड | उत्तराखंड में केदारनाथ सहित अनेक शिवधामों में सावन के दौरान विशेष पूजा, दर्शन और आध्यात्मिक वातावरण भक्तों को आकर्षित करता है। |
नेपाल | नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर में सावन अत्यंत श्रद्धा से मनाया जाता है। भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव आराधना करते हैं। |
Frequently Asked Questions
By Manjeet Kumar
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