Bajrang Baan: हनुमान जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र
4 July 2024 | vedic-learnings
Views 682
"जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।"
यह चोपाई सुन कर बस एक ही चेहरा ध्यान आता है और वह है अंजनिपुत्र हनुमान जी का। आप सब ने हनुमान चालीसा पढ़ा होगा और इसके फायदे भी जानते होगें। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि के ज्ञाता भी कहा जाता है और उनके नाम-मात्र से भूत-पिशाच भाग जाते हैं। हनुमान जी के कई ऐसे मंत्र है जिसके उपयोग से आप जीवन के सभी दुखो से मुक्ति पा सकते हैं और उनमे से एक मंत्र है "Bajrang Baan" है। कहा जाता है की बजरंग बाण पढ़ने के बहुत ज्यादा फायदा होता है जैसे रोगों से छुटकारा, शत्रुओं पे विजय और भी बहुत कुछ। आइये जानते है बजरंग बाण और हनुमान जी के बारे में।
Hanuman Baan से पहले जाने हनुमान जी के बारे में ।
जिसने मंगल को जिसने जन्म लिया, जो भगवान शिव का रुद्रावतार है, राम जी के दूत और अष्ट सिद्धि के ज्ञाता भी इन्हे कहा गया है। इतना पढ़ के आप तो समझ ही गए होंगे की यहाँ किसकी बात हो रही है। जी आप सही समझे, श्री हनुमान जी। जिसने लंका जला दिया, संजीविनी पहाड़ उठा के ले आएं, एक छलांग में समुन्दर लांग दिया, उनके नाम मात्र से आपके जीवन में सभी कष्ट दूर हो जातें हैं। कहा जाता है की मंगलवार के दिन पूर्ण समर्पण के साथ पूजा करने वाले भक्तों को अपने जीवन में अच्छी परिस्थितियों का अनुभव होता है। यदि व्यक्ति मंगलवार के दिन ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ बजरंग बाण का पाठ करता है तो उसकी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। आइये जानते है bajrang baan ka paath और उसको पढ़ने के तरीके।
आइए जानते हैं Bajrang Baan Ka Paath पढ़ने के फायदे
भारत में तंत्र -मंत्र और पूजा-पाठ को बहुत माना जाता है। कहते है इसी भूमि पे कभी भगवान खुद तप करते थे और विचरण करते थे। हनुमान जी सातो चिरंजीवी में से एक है। बजरंग बाण, हनुमान जी को समर्पित है, जिसको पढ़ने मात्र से सारे दुखो का विनाश हो जाता है। आइये जानते है बजरंग बाण के फायदे के बारे में।
- कहा जाता है कि बजरंग बाण का पाठ करने से व्यक्ति गंभीर बीमारियों से बच जाता है। उसे सभी बीमारियों और अन्य दोषों से भी मुक्ति मिलती है।
- मंगलवार का दिन है जब सभी कार्यों में सफलता के लिए बजरंग बाण का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त होती है।
- यदि आप अपने शत्रुओं से परेशान है और उनको वश करना चाहता है, तो मंगलवार के दिन बजरंग बाण का पाठ करने से आपको फायदा होगा। ऐसा कहा जाता है कि बजरंग बाण का जाप करने से व्यक्ति अपने विरोधियों को परास्त कर सकता है।
- इस दिन बजरंग बाण का पाठ करने से लोगों को अज्ञात भय से उबरने में मदद मिलती है। इस दौरान लंबे समय से चली आ रही रुकावटें दूर होती हैं और बकाया काम पूरा होता है।
- प्रत्येक मंगलवार को अपने घर में बजरंग बाण का पाठ करने से समृद्धि और सुख में वृद्धि होती है।
Hanuman Bajrang Baan
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥
चौपाई
जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी।
जनके काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै।
जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा।
आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका।
जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परमपद लीन्हा।
बाग उजारि सिंधु महँ बोरा। अति आतुर यमकातर तोरा।
अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा।
लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुरपुर मह भई।
अब बिलंब केहि कारन स्वामी। कृपा करहु उर अंतरयामी।
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दुख करहु निपाता।
जय गिरिधर जय जय सुखसागर। सुर-समूह-समरथ भट-नागर।
ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले। बैरिहि मारु बज्र की कीले।
गदा बज्र लै बैरिहि मारो। महारज प्रभु दास उबारो।
ओंकार हुंकार महाबीर धावो। वज्र गदा हनु बिलम्ब न लावो।
ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा।
सत्य होहु हरि शपथ पायके। राम दूत धरु मारु जायके।
जय जय जय हनुमंत अगाधा। दुख पावत जन केहि अपराधा।
पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत हौं दा तुम्हारा।
वन उपवन मग गिरिगृह माहीं। तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं।
पांय परौं कर जोरि मनावौं। यहि अवसर अब केहि गोहरावौं।
जय अंजनि कुमार बलवंता। शंकर सुवन वीर हनुमंता।
बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रति पालक।
भूत प्रेत पिशाच निशाचर, अग्नि बैताल काल मारीमर।
इन्हें मारु तोहिं सपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की।
जनक सुता हरिदास कहावो। ताकी सपथ विलंब न लावो।
जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दुख नाशा।
चरण-शरण कर जोरि मनावौं। यहि अवसर अब केहि गोहरावौं।
उठु-उठु चलु तोहिं राम दोहाई। पांय परौं कर जोरि मनाई।
ओम चं चं चं चं चपल चलंता। ओम हनु हनु हनु हनु हनुमंता।
ओम हं हं हांक देत कपि चंचल। ओम सं सं सहमि पराने खल दल।
अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होत आनंद हमारो।
यहि बजरंग बाण जेहि मारे। ताहि कहो फिर कौन उबारे।
पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करैं प्राण की।
यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब कांपै।
धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तनु नहिं रहे कलेशा।
दोहा
प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज शकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान।।
FAQs देखने से पहले, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई हमारी “Panchmukhi Hanuman” मार्गदर्शिका अवश्य पढ़ें।
Bajrang Baan Ka Paath
बजरंग बाण का पाठ कठिन से कठिन समस्याओं का भी समाधान प्रदान करता है। ऐसा कहा जाता है कि जहां भी बजरंगबाण का पाठ जहाँ होता है वहां हनुमान जी स्वयं प्रकट हो जाते हैं।
- बजरंग बाण का पाठ करने के लिए व्यक्ति को दिन ढलने से पहले उठकर स्नान, ध्यान करना चाहिए।
- इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें। अब कुश से बने आसन पर आसन ग्रहण करें और बजरंग बाण का संकल्प स्वीकार करें।
- इसके बाद हनुमान जी की पूजा करें और उन्हें फूल, दीपक और धूप अर्पित करें।
- जितनी बार आपने निर्धारित किया हो उतनी बार बजरंग बाण पाठ करने के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें।
- पाठ करते समय इस बात पर ध्यान दें कि शब्दों का उच्चारण कैसे किया जाता है। हनुमान जी को प्रसाद के रूप में कुछ फल, लड्डू और चूरमा चढ़ाएं।
इस तरह आपको Hanuman Bajrang Baan Ke Fayde प्राप्त कर सकते हैं। देखा जाये बजरंग बाण पढ़ने के फायदे बहुत है अगर आप पुरे श्रद्धा के साथ अपने पाठ के लिए संकल्प को पूरा करते
FAQs: (पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: Bajrang Baan क्या है?
बजरंग बाण भगवान हनुमान की पूजा एवं भक्ति का एक महत्वपूर्ण पाठ है जो उनकी शक्ति और कृपा को प्राप्त करने में सहायक होता है।
प्रश्न 2: Hanuman Baan का महत्व क्या है?
बजरंग बाण का पाठ हनुमान जी की कृपा को प्राप्त करने, भय को दूर करने, रोग नाश करने, विघ्नों को दूर करने और भगवान की कृपा को आकर्षित करने में मदद करता है।
प्रश्न 3: बजरंग बाण का पाठ कब और कितनी बार करें?
बजरंग बाण का पाठ प्रतिदिन प्रातः और सायं के समय किया जा सकता है। यह अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए आपकी भक्ति और साधना के अनुसार किया जा सकता है।
प्रश्न 4: इसे करते समय सबसे बड़ी सावधानी क्या है?
बजरंग बाण का पाठ रोज बिना कारण नहीं करना चाहिए। इसे केवल तब करें जब स्थिति आपके नियंत्रण से बाहर हो, क्योंकि इसमें हनुमान जी को कसम दी जाती है।
प्रश्न 5: इसके लिए विशेष नियम क्या हैं?
पाठ के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें, साफ कपड़े पहनें और मन में किसी के प्रति बुरा भाव न रखें।
By Manjeet Kumar
Vedic Meet Content Team
Recent posts
Purvabhadra Nakshatra: Meaning, Traits, and Personality
Echoes To Calmness Through Osho Meditation: A Simple Guide
How Shatabhisha Nakshatra Helps Healing from Pain?
Know the Best Top 10 Vastu Tips for Home
Sirsasana Yoga: Powerful benefits of this Yoga
Shivji Blessings With Maha Shivaratri Fasting Rituals in 2026
Earnings, Peace and Everything a Gift for Dhanishta Nakshatra Born People