Vastu Chitra: आपके घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का गुप्त रहस्य
30 January 2026 | vastu
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प्राचीन भारतीय वास्तु शास्त्र केवल ईंट और पत्थरों का विज्ञान नहीं है, बल्कि यह ऊर्जाओं के संतुलन का एक महासागर है। जब हम अपने घर या कार्यालय में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) के प्रवाह को बढ़ाना चाहते हैं, तो vastu chitra एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अक्सर हम अपने घरों की दीवारों को सुंदर बनाने के लिए पेंटिंग्स या फोटो लगाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा में लगाया गया एक चित्र आपके जीवन में तनाव पैदा कर सकता है, जबकि सही दिशा में लगा vastu chitra आपकी सोई हुई किस्मत जगा सकता है?
इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि vastu chitra क्या है, इसके विभिन्न प्रकार क्या हैं और यह कैसे आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे स्वास्थ्य, धन और रिश्तों को प्रभावित करता है।
Vastu Chitra क्या है और यह क्यों आवश्यक है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, ब्रह्मांड की पांच मुख्य शक्तियाँ-पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश-हमारे जीवन को नियंत्रित करती हैं। घर की दीवारों पर लगा कोई भी चित्र या vastu chitra केवल एक सजावट की वस्तु नहीं होती, बल्कि वह एक 'यंत्र' की तरह कार्य करता है जो विशिष्ट ऊर्जाओं को आकर्षित करता है। जब हम किसी विशिष्ट प्रतीक या दृश्य का vastu chitra दीवार पर लगाते हैं, तो वह हमारे अवचेतन मन (Subconscious Mind) पर प्रभाव डालता है और घर के 'वास्तु पुरुष' की ऊर्जा को संतुलित करता है। उदाहरण के लिए, बहते पानी का चित्र धन के प्रवाह को दर्शाता है, जबकि ऊंचे पहाड़ों का चित्र स्थिरता का प्रतीक है।
विभिन्न दिशाओं के लिए सही Vastu Chitra का चुनाव
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व है। यदि आप vastu chitra का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसे सही दिशा में लगाना अनिवार्य है:
1. उत्तर दिशा (North Direction) के लिए Vastu Chitra
उत्तर दिशा के स्वामी भगवान कुबेर हैं और इसका तत्व 'जल' है। इस दिशा में धन और करियर के अवसरों को आकर्षित करने के लिए निम्नलिखित vastu chitra लगाने चाहिए:
- बहता हुआ झरना या नदी: यह धन के निरंतर आगमन का प्रतीक है।
- कुबेर यंत्र या लक्ष्मी जी का चित्र: आर्थिक समृद्धि के लिए।
- हरे भरे जंगल: यह विकास और नए अवसरों को दर्शाता है।
2. पूर्व दिशा (East Direction) के लिए Vastu Chitra
पूर्व दिशा सूर्य देव की दिशा है और यह सामाजिक संबंधों और स्वास्थ्य से जुड़ी है। यहाँ लगाए जाने वाले vastu chitra ऐसे होने चाहिए:
- उगते हुए सूर्य का चित्र: यह नई शुरुआत, ऊर्जा और प्रसिद्धि का प्रतीक है।
- सात दौड़ते हुए घोड़े: ध्यान रहे कि घोड़ों का मुख घर के अंदर की ओर हो। यह प्रगति और गति का सूचक है।
3. दक्षिण दिशा (South Direction) के लिए Vastu Chitra
दक्षिण दिशा अग्नि तत्व और स्थिरता की दिशा है। यहाँ के लिए सर्वोत्तम vastu chitra हैं:
- ऊंचे पहाड़ (बिना पानी के): पहाड़ों का चित्र यहाँ स्थिरता और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
- दौड़ते हुए लाल घोड़े: यह नाम, प्रसिद्धि और मंगल कार्य के लिए शुभ माना जाता है।
4. पश्चिम दिशा (West Direction) के लिए Vastu Chitra
यह दिशा लाभ और प्राप्ति की दिशा है। यहाँ आप सुनहरे रंगों वाले vastu chitra लगा सकते हैं, जैसे कि सिक्कों का ढेर या खुशहाल बच्चों के चित्र।
प्रमुख Vastu Chitra और उनके चमत्कारी लाभ
आइए कुछ ऐसे विशिष्ट चित्रों के बारे में विस्तार से चर्चा करें जिन्हें वास्तु में सबसे शक्तिशाली माना जाता है:
- सात दौड़ते हुए घोड़ों का Vastu Chitra
वास्तु में सात घोड़ों का अत्यंत महत्व है। संख्या 7 शुभ मानी जाती है और घोड़े शक्ति, गति और सफलता के प्रतीक हैं। यदि आपका काम अटका हुआ है या व्यापार में मंदी है, तो पूर्व या दक्षिण की दीवार पर सात घोड़ों वाला vastu chitra लगाने से ऊर्जा का संचार तेजी से होने लगता है।
- बुद्ध की शांत प्रतिमा या Vastu Chitra
यदि आपके घर में हमेशा अशांति या कलह रहती है, तो ध्यान मुद्रा में भगवान बुद्ध का vastu chitra लिविंग रूम के ईशान कोण (North-East) में लगाना चाहिए। यह चित्र मानसिक शांति और स्पष्टता लाता है।पहाड़ों और हरियाली का Vastu Chitra ,जो लोग अपने करियर में स्थिरता चाहते हैं, उन्हें अपने कार्यक्षेत्र (Office) के पीछे वाली दीवार पर ऊंचे और ठोस पहाड़ों का vastu chitra लगाना चाहिए। यह "बैक सपोर्ट" का काम करता है और आपको कार्यस्थल पर मज़बूती प्रदान करता है।
- बेडरूम के लिए विशेष Vastu Chitra मार्गदर्शन
बेडरूम वह स्थान है जहाँ हम विश्राम करते हैं और अपने साथी के साथ समय बिताते हैं। यहाँ गलत चित्रों का चुनाव वैवाहिक जीवन में तनाव ला सकता है।
- क्या लगाएं: बेडरूम में राधा-कृष्ण की प्रेममयी तस्वीर, दो हंसों का जोड़ा या सारस के जोड़े वाला vastu chitra लगाना अत्यंत शुभ है। यह प्रेम और आपसी समझ को बढ़ाता है।
- क्या न लगाएं: यहाँ कभी भी युद्ध, हिंसक पशु, रोते हुए बच्चे या अकेलेपन को दर्शाने वाले चित्र नहीं लगाने चाहिए। बहते पानी का vastu chitra भी बेडरूम में लगाने से बचना चाहिए क्योंकि यह स्थिरता को कम कर सकता है।
Vastu Chitra लगाते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ
कई बार लोग अनजाने में गलत vastu chitra का चुनाव कर लेते हैं, जिससे लाभ के बजाय हानि होने लगती है:
1. कांटेदार पौधे या कैक्टस:
कभी भी कैक्टस या कांटों वाले पौधों का चित्र घर में न लगाएं। यह रिश्तों में कड़वाहट लाता है।
2. खंडहर या सूखे पेड़:
मुरझाए हुए फूल या पुराने खंडहरों का vastu chitra नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को आमंत्रित करता है।
3. ताजमहल का चित्र:
भले ही यह प्रेम का प्रतीक है, लेकिन वास्तु के अनुसार यह एक मकबरा है। घर में मकबरे या समाधि का चित्र रखना वर्जित है।
4. हिंसक जानवर:
डूबता हुआ जहाज, शिकार करते हुए शेर या गिद्ध जैसे चित्र मानसिक तनाव और भय पैदा करते हैं।
कार्यस्थल (Office) के लिए Vastu Chitra
एक सफल व्यवसाय के लिए सही वातावरण का होना ज़रूरी है। ऑफिस में vastu chitra का उपयोग इस प्रकार करें:
- रिसेप्शन पर: यहाँ फूलों के गुलदस्ते या मुस्कुराते हुए चेहरों वाला vastu chitra लगाएं।
- कॉन्फ्रेंस रूम: यहाँ विश्व मानचित्र (World Map) या ग्लोब का चित्र विकास की नई संभावनाओं को खोलता है।
- तिजोरी के पास: यहाँ माता लक्ष्मी या कमल के फूल का vastu chitra धन की वृद्धि में सहायक होता है।
रसोई (Kitchen) और डाइनिंग एरिया के लिए सुझाव
रसोई घर की ऊर्जा का केंद्र है। यहाँ माँ अन्नपूर्णा का चित्र लगाना सबसे श्रेष्ठ है। डाइनिंग रूम में ताजे फलों और स्वादिष्ट भोजन का vastu chitra लगाने से घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। यह परिवार के सदस्यों के बीच भूख और स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
Vastu Chitra को कैसे बनाएँ प्रभावी?
केवल चित्र खरीद लेना ही काफी नहीं है। उसकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- साफ़-सफाई: vastu chitra पर कभी धूल न जमने दें। गंदे चित्र नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं।
- फ्रेम का चुनाव: धातु या लकड़ी के फ्रेम का चुनाव दिशा के अनुसार करें। उत्तर के लिए मेटल और पूर्व/दक्षिण के लिए लकड़ी के फ्रेम अच्छे होते हैं।
- रोशनी: चित्र ऐसी जगह लगाएं जहाँ प्राकृतिक रोशनी या अच्छी कृत्रिम रोशनी उन पर पड़े। अंधेरे कोने में लगा vastu chitra अपना प्रभाव खो देता है।
- सही ऊंचाई: चित्र हमेशा आंखों के स्तर (Eye level) पर होने चाहिए, न बहुत ऊंचे और न ही बहुत नीचे।
- जीवन को बदल सकता है सही Vastu Chitra
वास्तु शास्त्र एक विज्ञान है जो प्रतीकों और दिशाओं के माध्यम से हमारी नियति को प्रभावित करता है। एक छोटा सा vastu chitra आपके घर के वास्तु दोषों को दूर करने की क्षमता रखता है। चाहे वह सात घोड़ों की गति हो या बुद्ध की शांति, हर चित्र की अपनी एक फ्रीक्वेंसी होती है।यदि आप अपने जीवन में स्वास्थ्य, धन और खुशहाली चाहते हैं, तो आज ही अपने घर का निरीक्षण करें। गलत चित्रों को हटाएं और Vedic Meet के विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए सही vastu chitra को सही दिशा में स्थापित करें। याद रखें, आपका घर आपकी आत्मा का प्रतिबिंब है-इसे सही ऊर्जा से सजाएं!
और भी पढ़ें:- Sun in 10th House
FAQs: (पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1. Vastu Chitra घर में क्यों लगाने चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, Vastu Chitra घर की दीवारों पर सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार करते हैं। ये न केवल घर की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि वास्तु दोषों को दूर करने और सुख-समृद्धि लाने में भी सहायक होते हैं।
प्रश्न 2. Vastu Chitra लगाने के लिए सबसे अच्छी दिशा कौन सी है?
आमतौर पर, Vastu Chitra को उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगाना सबसे शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा जल और धन (कुबेर) की है, जबकि पूर्व दिशा सूर्य और प्रगति की है।
प्रश्न 3. Vastu Chitra में किस तरह के दृश्यों का चुनाव करना चाहिए?
हमेशा शांति और प्रगति दर्शाने वाले Vastu Chitra चुनें, जैसे कि उगता हुआ सूरज, बहता हुआ साफ़ पानी, या सात दौड़ते हुए घोड़े। हिंसक जानवरों या उदासी भरे चित्रों से बचना चाहिए।
प्रश्न 4. Vastu Chitra क्या बेडरूम में लगाए जा सकते हैं?
हाँ, बेडरूम के लिए Vastu Chitra चुनते समय ध्यान रखें कि वे प्रेम और शांति का प्रतीक हों (जैसे राधा-कृष्ण या जोड़े पक्षी)। युद्ध या अकेलेपन को दर्शाने वाले चित्रों को बेडरूम में न लगाएं।
प्रश्न 5. Vastu Chitra खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
एक प्रभावी Vastu Chitra वही है जिसके रंग और तत्व उस दिशा के अनुकूल हों जहाँ उसे लगाया जा रहा है। उदाहरण के लिए, दक्षिण दिशा के लिए लाल रंग और उत्तर के लिए नीले या हरे रंग के चित्र उत्तम होते हैं।
By Manjeet Kumar
Vedic Meet Content Team
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