chaitra navratri 2025 : तिथियां, महत्व और अनुष्ठान

21 February 2025 | vedic-learnings

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Navratri 2025 हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो साल में चार बार—माघ, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन महीने में मनाया जाता है। यह पर्व देवी दुर्गा और उनके नौ रूपों की आराधना के लिए समर्पित है। इनमें से दो नवरात्रि—चैत्र नवरात्रि और Chaitra Navratri 2025—अत्यधिक प्रसिद्ध और प्रमुख हैं, जबकि बाकी दो को गुप्त नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। खुले तौर पर मनाई जाने वाली नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा पृथ्वी पर अवतरित होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इस दौरान उपवास रखने और विधिवत पूजा करने को अत्यंत शुभ माना जाता है।

जैसे ही हम 2025 में प्रवेश कर रहे हैं, आइए चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तिथियां, शुभ मुहूर्त और अनुष्ठानों के बारे में जानें। इस ब्लॉग में नवरात्रि के महत्व और देवी के आशीर्वाद के लिए जप किए जाने वाले मंत्रों की जानकारी भी दी गई है 


chaitra navratri 2025 तिथियां और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। 2025 में प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 4:27 बजे शुरू होकर 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे समाप्त होगी। इसलिए चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से शुरू होकर 7 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी।


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चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त

घटस्थापना नवरात्रि की शुरुआत का प्रतीक है। 2025 में घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:

  • सुबह का मुहूर्त: 6:13 AM से 10:22 AM (30 मार्च 2025)
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:10 PM से 12:50 PM (30 मार्च 2025)


चैत्र नवरात्रि तिथियां


शारदीय नवरात्रि 2025: तिथियां और शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि अश्विन माह के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है। 2025 में प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को रात 1:23 बजे शुरू होकर 23 सितंबर को सुबह 2:55 बजे समाप्त होगी। शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से शुरू होकर 2 अक्टूबर 2025 को समाप्त होगी।


शारदीय नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त

  • सुबह का मुहूर्त: 6:09 AM से 8:06 AM (22 सितंबर 2025)
  • अभिजीत मुहूर्त: 11:49 AM से 12:38 PM (22 सितंबर 2025)


चैत्र नवरात्रि में पूजे जाने वाली नौ देवियां


चैत्र नवरात्रि का महत्व

चैत्र नवरात्रि का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बड़ा महत्व है। यह पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और आत्मशुद्धि व आध्यात्मिक विकास का समय है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा की पूजा करने से शांति, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है।

चैत्र नवरात्रि का नौवां दिन राम नवमी के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान राम के जन्मदिन का प्रतीक है। इस समय उपवास रखने और पूजा करने से मानसिक और शारीरिक शक्ति में वृद्धि होती है।


नवरात्रि के दौरान पालन किए जाने वाले अनुष्ठान

  • घटस्थापना: पवित्र जल से भरे कलश की स्थापना करें। कलश पर आम के पत्ते और नारियल रखें और प्रतिदिन इसकी पूजा करें।
  • उपवास: इस दौरान भक्त केवल सात्विक भोजन जैसे फल, दूध और विशेष अनाज का सेवन करते हैं।
  • दैनिक पूजा: देवी को फूल, धूप, दीप अर्पित करें और दुर्गा सप्तशती या अन्य पवित्र ग्रंथों का पाठ करें।
  • कन्या पूजा: अष्टमी या नवमी को कन्याओं की पूजा करें, उन्हें भोजन कराएं और उपहार दें।
  • मंत्र जाप: देवी दुर्गा को समर्पित मंत्रों का जाप करें।


नवरात्रि मंत्र


सर्वमंगल मांगल्ये,

"सर्वमंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके;

शरण्ये त्र्यंबके गौरी, नारायणी नमोस्तुते।


"यह मंत्र सुख-शांति और समृद्धि के लिए माँ दुर्गा का आह्वान करता है।


navratri mantra


दुर्गा मंत्र

"ॐ जयन्ती मंगला काली, भद्रकाली कपालिनी

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री, स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।"


इस मंत्र का जाप साहस, सुरक्षा और देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए करें।


नवरात्रि व्रत के स्वास्थ्य लाभ

  • पाचन में सुधार: उपवास के दौरान हल्का और सात्विक भोजन पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
  • डिटॉक्सिफिकेशन: भारी और प्रसंस्कृत भोजन से परहेज शरीर को शुद्ध करता है।
  • मानसिक स्पष्टता: आध्यात्मिक अभ्यास मन को शांत और केंद्रित बनाते हैं।


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Chaitra Navratri 2025 भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक पुनरुत्थान का समय है। चाहे चैत्र नवरात्रि हो या शारदीय नवरात्रि, इन नौ दिनों में देवी से जुड़ने, आंतरिक शक्ति का आत्मावलोकन करने और सकारात्मकता को आमंत्रित करने का अवसर मिलता है। विधिवत पूजा, पवित्र मंत्रों का जाप और श्रद्धा के साथ उपवास करके नवरात्रि का वास्तविक आनंद लिया जा सकता है। नवरात्रि 2025 सभी भक्तों के जीवन में खुशियां, समृद्धि और सफलता लेकर आए, यही कामना है!


FAQs 


Chaitra Navratri 2025 कब शुरू हो रही है?

चैत्र नवरात्रि 2025 की शुरुआत 30 मार्च 2025 से होगी और यह 8 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।


Chaitra Navratri 2025 में घट स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?

चैत्र नवरात्रि 2025 में घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6:10 बजे से 8:30 बजे तक है। घट स्थापना का समय स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार भिन्न हो सकता है, इसलिए सटीक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।


Chaitra Navratri 2025  के दौरान कौन-कौन से व्रत रखे जा सकते हैं?

चैत्र नवरात्रि 2025 में श्रद्धालु नवरात्रि व्रत, सप्तमी व्रत, और अष्टमी व्रत रख सकते हैं। इन व्रतों के दौरान सात्विक भोजन का पालन करना और मां दुर्गा की पूजा करना शुभ माना जाता है।


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